॥ श्री तन्त्रकुलज्योतिषम् ॥

मेषादि-योग पञ्चाङ्गम्

मूल सूर्यसिद्धान्त। लङ्का-मध्यरात्रि, इष्ट = ०। स्थान उज्जयिनी। मध्यम वही जो /v1/ss-mean — युग-शून्य मेषे। स्पष्ट मन्द-शीघ्र-भुजान्तर से। वार अहर्गण से। SS−दृक् विचलन · मेष−विषुव

कलिप्रारम्भ

कलियुगम् · आरम्भ · केतु मेषे। 3102 ई.पू. फरवरी 18 · जूलियन

Ujjayinī · वार शुक्रवार · लङ्का-मध्यरात्रि · इष्ट ० घटी

तिथिशुक्ल प्रतिपदामध्यम तिथिशुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्रअश्विनी 2योगविष्कम्भ
करणकिंस्तुघ्नऋतुवसन्त
सौरमेष-सन्धि · सौर नववर्ष-द्वारअयनउत्तरायण-सन्धि (निरयन मेष ०°)
अहर्गण कलि0.0अहर्गण सृष्टि714402296627
वारेशशुक्रसंवत्सरविजय
अयनांश-0.000°सूर्यमन्दोच्चमिथुन १७° ७′ ४८″
ग्रहमध्यमस्पष्टनक्षत्र
सूर्यमेष ०° ०′ ०″मेष २° ७′ १५″अश्विनी 1
चन्द्रमेष ०° ०′ ०″मेष ५° ७′ २४″अश्विनी 2
मङ्गलमेष ०° ०′ ०″मेष ५° ४३′ २१″अश्विनी 2
बुधमेष ०° ०′ ०″मीन २७° ४७′ ३″रेवती 4
गुरुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ४२′ ५६″अश्विनी 1
शुक्रमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ५९′ ५६″अश्विनी 1
शनिमेष ०° ०′ ०″मीन २४° ०′ ४८″रेवती 3
राहुतुला ०° ०′ ०″तुला ०° ०′ ०″चित्रा 3
केतुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
चन्द्रोच्चकर्क ०° ०′ ०″कर्क ०° ०′ ०″पुनर्वसु 4

सात ग्रह मेषे। केतु मेषे · राहु तुलायाम्। चन्द्रोच्चं कर्के।

त्रेता मेष-योग · कलि − १०८००००

त्रेतायुगम् · वर्ष १०८०००० · राहु मेषे। 1083128 ई.पू. मार्च 29 · जूलियन

Ujjayinī · वार गुरुवार · लङ्का-मध्यरात्रि · इष्ट ० घटी

तिथिकृष्ण अमावस्यामध्यम तिथिशुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्रअश्विनी 1योगविष्कम्भ
करणनागऋतुवसन्त
सौरमेष-सन्धि · सौर नववर्ष-द्वारअयनउत्तरायण-सन्धि (निरयन मेष ०°)
अहर्गण कलि-394479457.0अहर्गण सृष्टि714007817170
वारेशगुरुसंवत्सरविजय
अयनांश-0.000°सूर्यमन्दोच्चवृषभ १२° १८′ ०″
ग्रहमध्यमस्पष्टनक्षत्र
सूर्यमेष ०° ०′ ०″मेष १° २८′ ३०″अश्विनी 1
चन्द्रमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ३′ ३२″अश्विनी 1
मङ्गलमेष ०° ०′ ०″मेष ६° ४२′ ५७″अश्विनी 3
बुधमेष ०° ०′ ०″मीन २९° ३३′ ७″रेवती 4
गुरुमेष ०° ०′ ०″मेष ४° १५′ ४५″अश्विनी 2
शुक्रमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ३२′ ५०″अश्विनी 1
शनिमेष ०° ०′ ०″मीन २४° १४′ ३६″रेवती 3
राहुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
केतुतुला ०° ०′ ०″तुला ०° ०′ ०″चित्रा 3
चन्द्रोच्चतुला ०° ०′ ०″तुला ०° ०′ ०″चित्रा 3

सात ग्रह मेषे। राहु मेषे · केतु तुलायाम्। चन्द्रोच्चं तुलायाम्। द्वापर के भीतर नहीं — त्रेता में।

कृतयुगान्त · त्रेतादि

कृतयुगान्तः = त्रेतादिः · केतु मेषे। 2163154 ई.पू. मई 8 · जूलियन

Ujjayinī · वार बुधवार · लङ्का-मध्यरात्रि · इष्ट ० घटी

तिथिकृष्ण अमावस्यामध्यम तिथिशुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्ररेवती 3योगवैधृति
करणनागऋतुवसन्त
सौरमेष-सन्धि · सौर नववर्ष-द्वारअयनउत्तरायण-सन्धि (निरयन मेष ०°)
अहर्गण कलि-788958914.0अहर्गण सृष्टि713613337713
वारेशबुधसंवत्सरविजय
अयनांश0.000°सूर्यमन्दोच्चमेष ७° २८′ १२″
ग्रहमध्यमस्पष्टनक्षत्र
सूर्यमेष ०° ०′ ०″मेष ०° १७′ २०″अश्विनी 1
चन्द्रमेष ०° ०′ ०″मीन २४° ५७′ ५२″रेवती 3
मङ्गलमेष ०° ०′ ०″मेष ६° ५८′ ४९″अश्विनी 3
बुधमेष ०° ०′ ०″मेष १° ३१′ ५३″अश्विनी 1
गुरुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ३९′ १४″अश्विनी 1
शुक्रमेष ०° ०′ ०″मीन २९° ४१′ ४६″रेवती 4
शनिमेष ०° ०′ ०″मीन २४° २९′ ४९″रेवती 3
राहुतुला ०° ०′ ०″तुला ०° ०′ ०″चित्रा 3
केतुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
चन्द्रोच्चमकर ०° ०′ ०″मकर ०° ०′ ०″उत्तराषाढ़ा 2

सात ग्रह मेषे। केतु मेषे · राहु तुलायाम्। चन्द्रोच्चं मकरे।

सृष्टि

सृष्ट्यादि · राहु मेषे। 1955929993 ई.पू. दिसम्बर 25 · जूलियन

Ujjayinī · वार रविवार · लङ्का-मध्यरात्रि · इष्ट ० घटी

तिथिशुक्ल प्रतिपदामध्यम तिथिशुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्रअश्विनी 1योगविष्कम्भ
करणकिंस्तुघ्नऋतुवसन्त
सौरमेष-सन्धि · सौर नववर्ष-द्वारअयनउत्तरायण-सन्धि (निरयन मेष ०°)
अहर्गण कलि-714402296627.0अहर्गण सृष्टि0
वारेशरविसंवत्सरविजय
अयनांश-0.000°सूर्यमन्दोच्चमेष ०° ०′ ०″
ग्रहमध्यमस्पष्टनक्षत्र
सूर्यमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
चन्द्रमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
मङ्गलमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
बुधमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
गुरुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
शुक्रमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
शनिमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
राहुमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1
केतुतुला ०° ०′ ०″तुला ०° ०′ ०″चित्रा 3
चन्द्रोच्चमेष ०° ०′ ०″मेष ०° ०′ ०″अश्विनी 1

ग्रह · राहु · चन्द्रोच्च सब मेषे। केतु तुलायाम्।

त्रिस्कन्धज्योतिर्विद आचार्य राजेश बेञ्जवाल दैवज्ञ · मूल · बीज = ० · श्लोक गढ़ा नहीं।